साउथ एशियन यूनिवर्सिटी के प्रेसिडेंट प्रोफेसर के के अग्रवाल तथा सरोज अग्रवाल के द्वारा पुरस्कृत किया गया

.साउथ एशियन यूनिवर्सिटी के प्रेसिडेंट प्रोफेसर के के अग्रवाल तथा सरोज अग्रवाल के द्वारा पुरस्कृत किया गया

बिदुपुर के स्थानीय चकसिकंदर स्थित विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के अंतर्गत बिहार अभियंत्रण विश्वविद्यालय पटना से संवध राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालय वैशाली के तृतीय तल स्थित मल्टीपरपज हॉल में चयनित छात्र-छात्राओं को साउथ एशियन यूनिवर्सिटी के प्रेसिडेंट प्रोफेसर के के अग्रवाल तथा सरोज अग्रवाल के द्वारा पुरस्कृत किया गया। बताते चलें कि इंडियन सोसायटी फॉर टेक्निकल एजुकेशन के अंतर्गत दो दिवसीय कन्वेंशन का आयोजन किया गया था; जिसके अंतर्गत विभिन्न प्रकार के वैज्ञानिक एवं शोध संबंधित प्रतियोगिताओं, जैसे पेपर प्रेजेंटेशन, प्रोटियस कंपटीशन, क्विज कंपटीशन, कोडिंग कंपटीशन, प्रोजेक्ट एग्जीबिशन, पोस्टर प्रेजेंटेशन, ग्रुप डिस्कशन, मैटलैब कंपटीशन, ऑटोकैड डिजाइन प्रतिस्पर्धा, ट्रस् ब्रिज प्रतिस्पर्धा आदि का आयोजन किया गया था जिसमें महाविद्यालय के सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया था।

                           


कार्यक्रम का शुभारंभ मंच संचालक बीटेक की छात्रा प्रार्थना के द्वारा अतिथियों के स्वागत भाषण से किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रोफेसर के के अग्रवाल तथा सरोज अग्रवाल के हाथों से विजेता छात्र-छात्राओं को पुरस्कार प्राप्त करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। इस अवसर पर प्रो. अग्रवाल के द्वारा सभा में उपस्थित शिक्षकों तथा छात्र-छात्राओं को संबोधित किया गया। अपने संबोधन में प्रो. अग्रवाल ने बताया कि संस्थान छोटा हो या बड़ा इससे फर्क नहीं पड़ता अगर विद्यार्थी ठान लिया कि उसको शिखर तक पहुंचना ही है। फर्क इससे नहीं पड़ता की कॉलेज छोटा है या बड़ा, गांव में है या शहर में, लेकिन फर्क पड़ता है कि छात्र-छात्राओं में कितनी सृजनात्मक क्षमता है और कितनी विनम्रता से हजारों सवालों का जवाब ढूंढने की कोशिश में छात्र-छात्राएं अपने मानसिक विकास को चरम शिखर पर पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं। किसी भी व्यक्ति के विकास को कोई और रोक ही नहीं सकता शिवाय खुद के।

छात्र-छात्राओं को अपने जीवन के लक्ष्य को ठान लेना चाहिए और खुद से प्रेरित होकर लगातार द्रोणाचार्य के शिष्य एकलव्य की तरह अपने लक्ष्य को दृढ़ता पूर्वक पाने के लिए प्रयत्नशील होना चाहिए। जिस प्रकार मानव सोच की कोई सीमा नहीं है वैसे ही किसी व्यक्ति के विकास का भी कोई सीमा नहीं होता।

विभिन्न प्रकार के कहानियों तथा प्रसंग के माध्यम से आपके द्वारा छात्र-छात्राओं को उत्साहित एवं प्रेरित करने का सफल प्रयास किया गया। आगे आपने बताया कि इंजीनियरिंग के छात्र-छात्राओं को आम आदमी के जीवन को आसान करने की तमाम तरह के विधि एवं तकनीकी पर अनुसंधानात्मक प्रयत्न करना चाहिए जो शिक्षा का मुख्य उद्देश्य है। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ अनंत कुमार ने बताया कि प्रोफेसर अग्रवाल जैसे महान शिक्षाविद के द्वारा महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं को संबोधित करना तथा पुरस्कृत करना पूरे बिहार के लिए सौभाग्य की बात है। आपने बताया कि राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालय वैशाली, मुजफ्फरपुर इंस्टीट्यूट आफ टेक्नोलॉजी तथा बिहार अभियंत्रण विश्वविद्यालय पटना के संयुक्त तत्वावधान में इंडियन सोसायटी फॉर टेक्निकल एजुकेशन के मार्गदर्शन से दो दिवसीय कन्वेंशन का आयोजन किया गया था; जिसके लिए विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर सुरेशकांत वर्मा तथा प्रोफेसर मिथिलेश कुमार झा का भरपूर सहयोग मिला।

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