शिक्षक संगठन फोरम ने दी बधाई , प्रो.सुरेश कुमार फोरम के वरिष्ठ सदस्य व सलाहकार हैं
दिल्ली विश्वविद्यालय से संबद्ध श्यामलाल कॉलेज ( सांध्य ) में शिक्षक संघ सत्र --2026 - 27 के लिए नए पदाधिकारियों का चुनाव हिंदी विभाग के प्रोफेसर अनिल राय की देखरेख में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस चुनाव में प्रोफेसर सुरेश कुमार ढांडा को सर्वसम्मति से कॉलेज शिक्षक संघ के अध्यक्ष पद पर चुने गए हैं । वहीं अंग्रेजी विभाग में प्रोफेसर संदीप यादव सचिव पद पर चुने गए । अध्यक्ष व सचिव पद पर चुने गए दोनों पदाधिकारियों को पूर्व अध्यक्ष ने पुष्प गुच्छ देकर पदभार ग्रहण करवाया और नई जिम्मेदारी सौंपी गई। उन्होंने आशंका जताई है कि नई टीम शिक्षकों की बेहतरी के लिए कार्य करेगी ।
सचिव पद पर निर्वाचित हुए प्रो.संदीप यादव ने शिक्षकों बधाई देते हुए कहा कि वे शिक्षक संघ की गतिविधियों को और अधिक सक्रिय एवं प्रभावी बनाने के लिए प्रयासरत रहेंगे। उन्होंने शिक्षकों की शैक्षणिक, प्रशासनिक और सेवा संबंधी समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर उठाने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षकों के जो अधूरे कार्य रह गए हैं उनको लेकर जल्द ही कॉलेज प्रशासन से मिलकर एक ज्ञापन सौंपा जाएगा और एक निश्चित समय में उन समस्याओं का समाधान संवाद के माध्यम से हल करने का प्रयास किया जाएगा । वहीं कॉलेज के वरिष्ठ शिक्षकों ने नए नेतृत्व पर अपना पूर्ण विश्वास जताते हुए कहा कि प्रो. सुरेश कुमार ढांडा और प्रो .संदीप यादव के अनुभव एवं नेतृत्व क्षमता से शिक्षक संघ को नई दिशा मिलेगी। उम्मीद जताई गई कि यह टीम शिक्षकों के हितों के साथ-साथ कॉलेज के शैक्षणिक विकास में भी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
फोरम ऑफ एकेडेमिक्स फॉर सोशल जस्टिस ( शिक्षक संगठन ) के चेयरमैन प्रोफेसर हंसराज सुमन ने प्रोफेसर सुरेश कुमार ढांडा के श्यामलाल कॉलेज शिक्षक संघ का अध्यक्ष निर्वाचित होने पर बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि प्रो. सुरेश पिछले दो दशक से उनसे जुड़े हुए हैं फोरम के सलाहकार व वरिष्ठ सदस्यों में हैं , सदैव शिक्षक हितों के लिए कार्य करते हैं। शिक्षकों के बीच उनकी छवि ईमानदार नेता वाली है जो सबको साथ लेकर काम करने और सामाजिक न्याय के मुद्दों पर किसी से समझौता नहीं करते । प्रो.सुमन ने बताया है कि शिक्षकों के काम करने के कारण ही उन्हें तीसरी बार शिक्षकों ने उन्हें नेतृत्व सौंपा है और अध्यक्ष बनाया है । वे उम्मीद करते हैं कि भविष्य में विद्यार्थियों , कर्मचारियों व शिक्षकों के मुद्दों को लेकर उनकी सकारात्मक सोच समाजहित में बेहतर परिणाम देंगे ।


