नई दिल्ली। 25 अगस्त
अंतरराष्ट्रीय साहित्य अर्पण मंच, दुबई की दिल्ली एनसीआर शाखा द्वारा एक गरिमामय साहित्यिक संध्या ‘काव्य अंजुमन’ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में साहित्य, संस्कृति और रचनात्मक अभिव्यक्ति का सुंदर संगम देखने को मिला। साहित्यप्रेमियों एवं रचनाकारों की उपस्थिति ने आयोजन को विशेष गरिमा प्रदान की।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. अनिरुद्ध कुमार सुधांशु जी का आत्मीय अभिनंदन एवं स्वागत किया गया। इस अवसर पर अंतरराष्ट्रीय साहित्य अर्पण मंच, दुबई की सीईओ आदरणीया नेहा शर्मा जी की उपस्थिति ने इस साहित्यिक सांझ को विशिष्टता प्रदान की।
एनसीआर शाखा की अध्यक्षा आदरणीया पूनम पुष्करणा शर्मा जी ने सभी का सह्दय स्वागत किया
कार्यक्रम का शुभारंभ भरतनाट्यम नृत्यांगना वैशाली की गणेश वंदना से हुआ। सरस्वती वंदना गायन हिमाचल प्रदेश से आयी सम्माननीय रचनाकार कनुप्रिया के द्वारा किया गया।इसके पश्चात अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर साहित्यिक संध्या का विधिवत आगाज किया गया। गणेश वंदना और दीप प्रज्ज्वलन के माध्यम से ज्ञान, सृजन की मंगलकामना की गई।
इस अवसर पर मंच की साहित्यिक यात्रा को निरंतर गति और विस्तार प्रदान करने वाले कार्यकारिणी सदस्यों नरेंद्र शर्मा जी, नितेश तिवारी जी, पूनम बागड़ियां जी, सरिता कपूर जी, प्रभाष झा जी एवं भारती कौशिक जी की महत्वपूर्ण भूमिका की सराहना करते हुए सम्मानित किया गया।
अपने संबोधन में सीईओ नेहा शर्मा जी ने अंतरराष्ट्रीय साहित्य अर्पण मंच, दुबई की आगामी साहित्यिक यात्रा और भावी योजनाओं की रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने कहा कि मंच का उद्देश्य साहित्य को सीमाओं से परे वैश्विक स्तर पर नई पहचान देना तथा विभिन्न भाषाओं और संस्कृतियों के रचनाकारों को एक साझा मंच उपलब्ध कराना है।
‘काव्य अंजुमन’ में रचनाकारों ने विविध रंगों में सजी अपनी कविताओं, गीतों और भावपूर्ण प्रस्तुतियों के माध्यम से श्रोताओ को आनंदित किया।प्रेम, प्रकृति, संवेदना, सामाजिक सरोकार और जीवन-दर्शन से जुड़े रचनात्मक भावों ने साहित्यिक वातावरण को भावमय बना दिया।
कार्यक्रम में अतिथियों के लिए विशेष स्वागत वक्तव्य मनीषा आवले चौगांवकर द्वारा पढा गया एवं मंच संचालन भारती कौशिक जी ने किया।
कार्यक्रम में उपस्थित साहित्यकारो ने मंच की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन साहित्य को जन-जन तक पहुँचाने के साथ-साथ रचनाकारों को अपनी सृजनात्मक प्रतिभा प्रस्तुत करने का अवसर प्रदान करते हैं।
‘काव्य अंजुमन’ केवल एक साहित्यिक आयोजन न होकर शब्द, संवेदना और संस्कृति को जोड़ने वाली एक सुंदर कड़ी के रूप में सामने आया। आयोजन ने अंतरराष्ट्रीय साहित्य अर्पण मंच की साहित्यिक यात्रा को नई ऊर्जा प्रदान करते हुए भविष्य में और अधिक व्यापक एवं सार्थक साहित्यिक आयोजनों की उम्मीद जगाई।






