प्रो. योगेश सिंह दोबारा बने दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलपति, NDTF ने ऐतिहासिक पुनर्नियुक्ति का किया स्वागत

 प्रो. योगेश सिंह दोबारा बने दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलपति, NDTF ने ऐतिहासिक पुनर्नियुक्ति का किया स्वागत
नई दिल्ली:
नेशनल डेमोक्रेटिक टीचर्स फ्रंट (NDTF) ने प्रो. योगेश सिंह को लगातार दूसरे कार्यकाल के लिए दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) का कुलपति (वाइस चांसलर) नियुक्त किए जाने पर हर्ष व्यक्त किया है और इसे एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताया है। दिल्ली विश्वविद्यालय के इतिहास में यह पहला मौका है जब किसी कुलपति को लगातार दूसरा कार्यकाल सौंपा गया है। विश्वविद्यालय के संशोधित परिनियमों (Amended Statutes) के तहत ही यह ऐतिहासिक पुनर्नियुक्ति संभव हो सकी है।  
               



                 
पहले कार्यकाल की उपलब्धियों को सराहा
NDTF ने प्रो. योगेश सिंह के पहले कार्यकाल के दौरान किए गए क्रांतिकारी सुधारों और शिक्षक-हितैषी फैसलों की जमकर सराहना की। संगठन ने मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदुओं को रेखांकित किया:
  • हजारों शिक्षकों का नियमितीकरण: विभिन्न कॉलेजों में वर्षों से तदर्थ (Ad-hoc) और अस्थायी रूप से पढ़ा रहे हजारों शिक्षकों को स्थाई नौकरी दी गई।
  • रिकॉर्ड पदोन्नतियां: विश्वविद्यालय के इतिहास में पहली बार 'सीनियर प्रोफेसर' के पद तक हजारों शिक्षकों को समय पर प्रमोशन मिला।
  • वैश्विक रैंकिंग में सुधार: राष्ट्रीय (NIRF) और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर डीयू की रैंकिंग में लगातार सुधार दर्ज किया गया।
  • NEP 2020 और छात्र कल्याण: राष्ट्रीय शिक्षा नीति को सफलतापूर्वक लागू करने के साथ-साथ दाखिले में 'सिंगल गर्ल चाइल्ड कोटा' और छात्रों के लिए लैपटॉप वितरण जैसी कल्याणकारी योजनाएं शुरू की गईं।
दूसरे कार्यकाल से उम्मीदें: इन प्रमुख मुद्दों पर रहेगा ध्यान
NDTF ने आशा व्यक्त की है कि प्रो. योगेश सिंह अपने दूसरे कार्यकाल में भी शिक्षक संगठनों और यूनियनों के साथ मधुर संबंध बनाए रखेंगे। इसके साथ ही संगठन ने उम्मीद जताई है कि नए कार्यकाल में शिक्षकों और अकादमिक क्षेत्र से जुड़े निम्नलिखित लंबित मुद्दों का जल्द से जल्द समाधान निकाला जाएगा:
  • दिल्ली सरकार द्वारा पूर्णतः वित्त पोषित 12 कॉलेजों में शिक्षकों के नियमितीकरण और प्रशासनिक समस्याओं का स्थाई समाधान।
  • शिक्षकों के प्रमोशन के लिए उनकी पिछली पूरी सेवा अवधि (Past Service Count) को जोड़ने की नीति को पूर्ण रूप से लागू करना।
  • यूजी (UG) और पीजी (PG) स्तर पर लागू की गई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) की व्यावहारिक समीक्षा करना।
  • शोध पत्रिकाओं (Peer-Reviewed Research Journals) में प्रकाशन से जुड़े नियमों को सरल बनाना और पीएचडी-एमफिल इंक्रीमेंट के मामलों को सुलझाना।
NDTF ने कुलपति को बधाई देते हुए विश्वास जताया है कि उनका यह दूसरा कार्यकाल दिल्ली विश्वविद्यालय को अकादमिक ऊंचाइयों के एक नए शिखर पर ले जाएगा।

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