दिल्ली विश्वविद्यालय ईसी की 1283वीं बैठक:
डीयू को दुनिया के 200 सर्वोच्च वैज्ञानिकों में शामिल करना है लक्ष्य: कुलपति
नई दिल्ली, 30 जुलाई।
दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) के मूल प्रो. योगेश सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय में गैर शिक्षण कर्मचारियों को अनुबंध आधार पर किसी भी योजना पर विचार करने की अनुमति नहीं है। यह बात दिल्ली यूनिवर्सिटी एग्जीक्यूटिव काउंसिल (ईसी) की बैठक में इस मामले पर चर्चा के दौरान कही। डीयू ईसी की 1283वीं बैठक का आयोजन गुरुवार, 30 जुलाई, 2026 को फादर प्रो. योगेश सिंह की नियुक्ति में हुआ। बैठक में जीरो अवेर् के दौरान एसईसी सदस्यों ने कई अध्ययनों पर गहन चर्चा की। इसके साथ ही प्रो. योगेश सिंह को डीयू पितृ पक्ष के रूप में पुन: फेस्टिवल पर बधाई भी दी गई। इस अवसर पर फादर ने कहा कि हमारा लक्ष्य अगले 5 वर्षों में दिल्ली विश्वविद्यालय को दुनिया के सर्वोच्च 200 विश्वविद्यालयों में शामिल करना है।
प्रो. योगेश सिंह ने दिल्ली यूनिवर्सिटी की उपलब्धियां जारी करते हुए कहा कि इस बार क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग-2027 में डीयू ने वैश्विक स्तर पर 322वीं ग्लोबल रैंक हासिल की है, जबकि 2022 में जारी क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग में दिल्ली यूनिवर्सिटी 521-530 के अंक में थी। उन्होंने कहा कि 4 साल में 199 अंकों का उछाल बड़ी बात है, जिसके लिए डीयू के सभी शिक्षक, कर्मचारी, अधिकारी और कर्मचारी बधाई के पात्र हैं। फादरल ने कहा कि क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2027 में डीयू का कुल स्कोर 43.8 था जो 2022 में जारी रैंकिंग में 23.5 था। उन्होंने बताया कि भारतीय म्यूजिक डीयू में पहला स्थान पर है।
बैठक की शुरुआत में डीयू कुल सचिव डॉ. विकास गुप्ता ने पिछली बैठक की बैठक के मिनट्स और एक्शन टेकन रिपोर्ट प्रस्तुत की। बैठक के दौरान दस्तावेज़ी परिषद् में दस्तावेज़ी अकादमी को भी एंटरप्राइज़ प्रस्तुत किया गया। वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान विश्वविद्यालय के लिए आयोग की बैठक, उनके द्वारा संचालित हॉल और कमोडिटी, प्रोविडेंट फंड और राष्ट्रीय पेंशन योजना के वार्षिक पदों पर विचार करना और उन्हें मंज़ूरी दी गई। अंडरग्रेजुएट करिकुलम फ्रेमवर्क (यूजीसीएफ-2022) के तहत विदेशी उच्च शिक्षण प्रशिक्षकों के सहयोग से 'सेमेस्टर अवे प्रोग्राम' का प्रस्ताव भी शुरू किया गया है।
सही सलामत से जुड़े पूर्व एसोसिएट्स एसोसिएट को मिलें पे रिवोल्यूशन का लाभ
वेतन सुरक्षा (पे रिवोल्यूशन) के तहत बनाई गई समिति की मंजूरी को डीयू ईसी ने मंजूरी प्रदान कर दी है। इसके तहत अलग-अलग इंजीनियरों के लिए वेतन सुरक्षा (वेतन सुरक्षा) की मांग पर विचार किया जाएगा, जिसमें विश्वविद्यालय/कॉलेजों में स्थायी तौर पर नियुक्ति से पहले, सही छात्र और संस्था (जैसे भारत में सभी विज्ञापन के संयुक्त ओपन भर्ती और सही तरीके से बनी सिलेक्शन कमेटी) का पालन किया जाएगा। ऐसे हर मामले की जांच संबंधित कॉलेज द्वारा की जाएगी और वेतन सुरक्षा के लिए आवेदन करने से पहले विश्वविद्यालय की सहमति ली जाएगी। यह 1 अप्रैल 2022 से संबंधित नियुक्तियों पर लागू होगा।
एक साल की उम्र में बेल्जियम में 1000 से अधिक लोगों ने एक साथ काम करना शुरू किया
दिल्ली यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ ओपन द्वारा अब 5 विषयों में एक वार्षिक पोस्ट में मार्ट प्रोग्राम शुरू हो जाएगा। डीयू इलेक्ट्रिक द्वारा इसे डिज़ाइन प्रदान किया गया है। इसके लिए इसे अप्रूवल से भी ले लिया गया है। इंजीनियरएल द्वारा अब एम.ए. हिंदी में 200 मंजिल, एम.ए. इतिहास में 150 मंजिल, एम.ए. राजनीति विज्ञान में 500%, एम.ए. संस्कृत में 75 वर्ष और एम.कॉम. 575 इंच की गहराई में।
डीयू कर्मचारियों के सहयोगियों को सोशल आइडिया के लिए ग्रुप ग्रुप स्कॉच को लागू करें
दिल्ली यूनिवर्सिटी के कर्मचारियों (कॉन्सेलिटिक पर काम करने वाले कर्मचारियों सहित) के सहयोगियों को सोशल एडाज़ फ़ायदे के लिए 'लाइफ़ स्टूडेंट स्कॉल्स' के 'ग्रुप स्कॉलरशिप' को लागू करने की मंजूरी प्रदान की गई है। इसके तहत मास्टर वैल्युएशन के तहत 20.00 लाख रुपये का ब्याज देना होगा, जिसके लिए हर सब्सक्राइबर को हर महीने 500 रुपये + 500 रुपये का प्रीमियम देना होगा। यह कर्मचारियों के लिए स्टिक स्टिक है।
