दिल्ली के लाखों झुग्गीवासियों को बड़ी सौगात: अब 2015 नहीं, 1 जनवरी 2025 तक बनी झुग्गियों को मिलेगा पुनर्वास का लाभ
नई दिल्ली: दिल्ली में रहने वाले लाखों झुग्गीवासी परिवारों के लिए एक ऐतिहासिक और जीवन बदलने वाला फैसला लिया गया है। दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड (DUSIB) की 36वीं बैठक में यह तय किया गया है कि अब 1 जनवरी 2025 तक बनी सभी झुग्गी बस्तियों के निवासियों को पुनर्वास योजना का सीधा लाभ दिया जाएगा।
यह महत्वपूर्ण निर्णय केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह द्वारा अंतिम रूप दी गई 'दिल्ली स्लम एवं झुग्गी झोपड़ी पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन नीति, 2026' के तहत लिया गया है। इस फैसले से राजधानी के लाखों गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए सम्मानजनक जीवन जीने का रास्ता साफ हो गया है।
पात्रता की समय-सीमा में बड़ा बदलाव
अब तक दिल्ली में झुग्गी पुनर्वास के लिए पात्रता का आधार वर्ष 2015 माना जाता था, जिससे उसके बाद बनी बस्तियों के नागरिक इस लाभ से वंचित रह जाते थे। DUSIB की इस बैठक में पात्रता की इस सीमा को बढ़ाकर 1 जनवरी 2025 कर दिया गया है। इस समय-सीमा के बढ़ने से अब उन परिवारों को भी पक्के मकान मिल सकेंगे जो पिछले कुछ वर्षों में इन बस्तियों का हिस्सा बने हैं।
आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगे नए आवास
यह निर्णय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के 'गरीब कल्याण' के संकल्प को जमीन पर उतारने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। योजना के अंतर्गत विस्थापित होने वाले परिवारों को सिर्फ मकान ही नहीं, बल्कि एक पूरी आधुनिक जीवनशैली दी जाएगी। इन आवास परिसरों में निम्नलिखित बुनियादी सुविधाएं अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराई जाएंगी:
- बच्चों की पढ़ाई के लिए आधुनिक स्कूल
- बेहतर इलाज के लिए स्वास्थ्य केंद्र
- छोटे बच्चों और माताओं के लिए आंगनवाड़ी
- युवाओं के मनोरंजन और स्वास्थ्य के लिए खेल के मैदान
- अन्य सभी आवश्यक बुनियादी सुविधाएं
बैठक में वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति
DUSIB की इस उच्च स्तरीय 36वीं बैठक में कैबिनेट सहयोगी श्री आशीष सूद सहित दिल्ली सरकार और पुनर्वास से जुड़े सभी संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी और नीति निर्माता मौजूद रहे। सभी अधिकारियों ने सर्वसम्मति से इस लोक-कल्याणकारी नीति को लागू करने और झुग्गीवासियों को सुरक्षा, सम्मान व बेहतर भविष्य देने की प्रतिबद्धता जताई।

