रूस की एच एस ई यूनिवर्सिटी के साथ मिलकर डीयू बनाएगा स्पेस मिरर लैब
एकेडमिक रिसर्च के लिए स्पेस स्पेक्ट्रम में डेटा स्टोरेज, प्रोसेसिंग और ट्रांसमिशन पर होगा काम: प्रो. योगेश सिंह
नई दिल्ली, 05 दिसंबर।
दिल्ली विश्वविद्यालय और रूस की एच एस ई यूनिवर्सिटी मिलकर स्पेस मिरर लैब स्थापित करेंगे। इस विषय को लेकर दिल्ली विश्वविद्यालय और नेशनल रिसर्च यूनिवर्सिटी हायर स्कूल ऑफ़ इकोनॉमिक्स (एच एस ई यूनिवर्सिटी), रूस के बीच 'स्टेटमेंट ऑफ़ कोऑपरेशन' पर शुक्रवार, 5 दिसंबर को हस्ताक्षर हुए। इस अवसर पर दिल्ली विश्वविद्यालय कुलपति प्रोफेसर योगेश सिंह ने कहा कि यह बहुत ही खुशी का विषय है दो मित्र देशों के दो बड़े संस्थान संयुक्त रूप से अनुसंधान में आगे आए हैं। उन्होंने बताया कि प्रस्तावित सहयोग एच एस ई यूनिवर्सिटी के साथ मिलकर दिल्ली विश्वविद्यालय की फैकल्टी ऑफ टेक्नोलॉजी में एक स्पेस मिरर लैब बनाने के लिए है।
कुलपति प्रो. योगेश सिंह ने कहा कि एकेडमिक रिसर्च के मकसद से स्पेस स्पेक्ट्रम में डेटा स्टोरेज, प्रोसेसिंग और ट्रांसमिशन पर दिल्ली विश्वविद्यालय और एचएसई यूनिवर्सिटी के बीच एक साइंटिफिक मिरर लैबोरेटरी बनाना बहुत ही दूरदर्शी और महत्वाकांक्षी योजना है। इस सामूहिक कार्य के तहत, दोनों यूनिवर्सिटी मिरर लैब के ज़रिए मिलकर ऐसे जॉइंट रिसर्च और एजुकेशनल प्रोजेक्ट पर काम करेंगी जो भारत और रूस के लिए काम के होंगे। कुलपति ने कहा कि इसके अलावा भी कई और शैक्षणिक परियोजनाएं भी पाइपलाइन में हैं। उन्होंने कहा कि इन सांझा अकादमिक और अनुसंधान कार्यक्रमों से दोनों विश्वविद्यालयों के विद्यार्थियों और शिक्षकों को भारी लाभ होगा।
इस अवसर पर एच एस ई यूनिवर्सिटी के रेक्टर डॉ. निकिता अनिसिमोवा और दिल्ली यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार डॉ. विकास गुप्ता ने कुलपति प्रो. योगेश सिंह की मौजूदगी में स्टेटमेंट ऑफ़ कोऑपरेशन पर हस्ताक्षर किए। इस दौरान रूस की ओर से एचएसई यूनिवर्सिटी के वाइस प्रेसिडेंट डॉ. मनोज शर्मा एवं उनके साथ सुश्री अनास्तासिया सर्गेवा उपस्थित रही, जबकि डीयू की ओर से डीन ऑफ कॉलेजेज प्रो. बलराम पाणी, एसओएल की डायरेक्टर प्रो. पायल मागो, चेयरमैन इंटरनेशनल रिलेशन प्रो. नीरा अग्निमित्रा, डीन इंटरनेशनल रिलेशन प्रो. अनिल राय तथा प्रो. शैलेंद्र गोयल, चेयरमैन क्लचर काउंसिल एवं पीआरओ अनूप लाठर, फ़ैकल्टी ऑफ टेक्नोलोजी के डीन प्रो. संजीव सिंह तथा डीन अकादमिक प्रो. के. रत्नाबली सहित कई अधिकारी उपस्थित रहे।


