दिल्ली विश्वविद्यालय के गांधी भवन में गूँजी शिक्षा और साहित्य की अनुगूँज; "प्रोफेसर के. पी. सिंह: मीडिया के आईने में" पुस्तक का भव्य लोकार्पण

दिल्ली विश्वविद्यालय के गांधी भवन में गूँजी शिक्षा और साहित्य की अनुगूँज; "प्रोफेसर के. पी. सिंह: मीडिया के आईने में" पुस्तक का भव्य लोकार्पण

         



नई दिल्ली :दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रतिष्ठित गांधी भवन, दिल्ली विश्वविद्यालय में वैचारिक विमर्श और साहित्यिक उल्लास के बीच अनंग प्रकाशन द्वारा प्रकाशित बहुप्रतीक्षित ग्रंथ "प्रोफेसर के. पी. सिंह: मीडिया के आईने में" का गरिमामय लोकार्पण संपन्न हुआ। यह पुस्तक प्रसिद्ध शिक्षाविद् प्रोफेसर के. पी. सिंह के व्यक्तित्व, कृतित्व और उनके सामाजिक-शैक्षणिक योगदान को मीडिया के दृष्टिकोण से प्रस्तुत करने वाला एक अनूठा दस्तावेज़ है।

                     


    समारोह का शुभारंभ मुख्य अतिथि जगद्गुरु धर्माचार्य श्री 108 श्री सूर्यनारायणदास जी महाराज (आद्या जागनीपीठ, महामंगलपुरीधाम) द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता गांधी भवन के अध्यक्ष प्रोफेसर बलराम पाणी ने की। इस अवसर पर अकादमिक जगत की दिग्गज विभूतियाँ जैसे प्रोफेसर पी. बी. मंगला, प्रोफेसर आई. एम. कपाही, प्रोफेसर राकेश कुमार भट्ट और प्रोफेसर प्रेम सिंह ने विशिष्ट अतिथि के रूप में अपनी उपस्थिति से कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। पुस्तक चार  रचनाकारों — हँसराज सुमन, मनोज कुमार कैन, मीरा और विश्वमोहन मिश्रा द्वारा संकलित यह ग्रंथ प्रोफेसर के. पी. सिंह के जीवन के उन अनछुए पहलुओं को उजागर करता है, जिन्हें मीडिया ने समय-समय पर रेखांकित किया है। वक्ताओं ने इस पुस्तक को "समकालीन अकादमिक पत्रकारिता का जीवंत उदाहरण" बताया।अध्यक्षीय उद्बोधन: प्रोफेसर बलराम पाणी ने कहा, "यह पुस्तक केवल एक व्यक्ति की जीवनी नहीं, बल्कि एक संस्थान के निर्माण की कहानी है।"  डॉ. ज्ञानेंद्र नारायण सिंह(महासचिव, डी.एल.ए.) ने सभी अतिथियों और आगंतुकों का धन्यवाद करते हुए पुस्तक की प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला।विमोचन समारोह में दिल्ली विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष, प्राध्यापक, शोधार्थी और भारी संख्या में छात्र उपस्थित रहे।

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