स्वामी श्रद्धानंद कॉलेज में ‘दीपोवर्तिका’ दीपावली मेले का भव्य आयोजन


स्वामी श्रद्धानंद कॉलेज में ‘दीपोवर्तिका’ दीपावली मेले का भव्य आयोजन


दिल्ली 3 नवंबर 2026: स्वामी श्रद्धानंद कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय के वीमेन डेवलपमेंट सेल द्वारा 3 नवंबर 2026 को महाविद्यालय परिसर में ‘दीपोवर्तिका’ (दीपावली मेले) का भव्य एवं उत्साहपूर्ण आयोजन किया गया। दीपावली के उल्लास, उमंग और रचनात्मकता से परिपूर्ण इस मेले का शुभारंभ महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. प्रवीण गर्ग द्वारा किया गया।कार्यक्रम का सफल आयोजन संयोजिका प्रो. गौरी मिश्रा के कुशल नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। इस आयोजन में प्रो.ऐश्वर्या झा के सहयोग तथा कॉमेनिया और सिंट्रिया के विद्यार्थियों की सक्रियसहभागिता ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। विद्यार्थियों के उत्साह, रचनात्मकता और समर्पण ने मेले को जीवंत, आकर्षक एवं यादगार बना दिया।

                        


मेले में लगभग 50 विभिन्न स्टॉल लगाए गए, जिनमें हस्तनिर्मित वस्तुओं, आकर्षक सजावटी सामग्रियों, पारंपरिक एवं आधुनिक खान-पान के व्यंजनों तथा विविध उपयोगी उत्पादों का प्रदर्शन किया गया। इन स्टॉलों के माध्यम से विद्यार्थियों को अपनी रचनात्मक प्रतिभा, व्यावहारिक कौशल और उद्यमशीलता का प्रदर्शन करने के साथ-साथ आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर मिला।

                 


इस आयोजन की एक प्रमुख विशेषता पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता और प्रतिबद्धता रही। ‘जीरो वेस्ट’ (शून्य अपशिष्ट) की अवधारणा को केंद्र में रखते हुए स्वच्छ, हरित एवं पर्यावरण अनुकूल दीपावली मनाने का संदेश दिया गया। विद्यार्थियों को प्लास्टिक के उपयोग तथा अनावश्यक कचरे को कम करने और पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझने के लिए प्रेरित किया गया।

                 



‘दीपोवर्तिका’ केवल दीपावली का उत्सव न रहकर रचनात्मकता, आत्मनिर्भरता, महिला सशक्तिकरण, उद्यमशीलता और पर्यावरण संरक्षण का एक सार्थक मंच बनकर उभरा। इस मेले ने भारतीय संस्कृति एवं परंपराओं के उत्सव के साथ -साथ सामाजिक सरोकारों और पर्यावरणीय जिम्मेदारियों के प्रति विद्यार्थियों की संवेदनशीलता को भी अभिव्यक्त किया।

               



वीमेन डेवलपमेंट सेल की यह पहल विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता, उद्यमशीलता और सामाजिक चेतना विकसित करने की दिशा में एक सराहनीय प्रयास रही। इस प्रकार का आयोजन न केवल युवा पीढ़ी को अपनी प्रतिभा और क्षमताओं को पहचानने का अवसर प्रदान करता है, बल्कि आत्मनिर्भर एवं सशक्त भारत तथा ‘विकसित भारत’ के संकल्प को साकार करने में भी महत्वपूर्ण योगदान देता है। ‘दीपोवर्तिका’ ने दीपों के पर्व को रचनात्मकता, महिला सशक्तिकरण और पर्यावरण संरक्षण के संदेश से आलोकित करते हुए एक यादगार आयोजन का स्वरूप प्रदान किया।

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