गाँधी भवन में 'गाँधी जयंती' और 'अंतर्राष्ट्रीय अहिंसा दिवस' पर भव्य समारोह, अतिथियों ने रेखांकित किए बापू के विचार

 गाँधी भवन में 'गाँधी जयंती' और 'अंतर्राष्ट्रीय अहिंसा दिवस' पर भव्य समारोह, अतिथियों ने रेखांकित किए बापू के विचार

            


                                  चित्र : गांधी भवन

नई दिल्ली, 2 अक्टूबर। गाँधी भवन (दिल्ली विश्वविद्यालय) के निदेशक प्रो. के. पी. सिंह की सकारात्मक सोच, दूरदर्शी विज़न और कुशल अध्यक्षता में 'गाँधी - शास्त्री जयंती एवं अंतर्राष्ट्रीय अहिंसा दिवस' के पावन अवसर पर एक भव्य समारोह तथा वृहद 'निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर' का अत्यंत सफल व गरिमामयी आयोजन किया गया। भारत सरकार के 'स्वच्छता ही सेवा 2026' अभियान के अंतर्गत आयोजित इस ऐतिहासिक कार्यक्रम ने जहाँ एक ओर वैचारिक चेतना को जागृत किया, वहीं दूसरी ओर निस्वार्थ सामाजिक सरोकार की एक अनूठी और प्रेरणादायक मिसाल भी पेश की।
                          

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री लाल सिंह आर्य जी ने अपने ओजस्वी संबोधन में कहा, "राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी के अमर सिद्धांत ही राष्ट्र की उन्नति का वास्तविक मूलमंत्र हैं। आज की युवा पीढ़ी को केवल उनके नारों को नहीं, बल्कि उनके चरित्र और स्वावलंबन के विचारों को अपने जीवन में उतारने की महती आवश्यकता है।"
             

समारोह की अध्यक्षता करते हुए गाँधी भवन के निदेशक प्रो. के. पी. सिंह ने अपने प्रेरणादायी वक्तव्य में कहा, "गाँधी भवन सदैव बापू के विचारों को धरातल पर उतारने के लिए प्रतिबद्ध है। 'स्वच्छता ही सेवा' और स्वस्थ शरीर में स्वस्थ मन का वास ही सुंदर समाज का आधार है। यही कारण है कि आज वैचारिक संगोष्ठी के साथ हमने समाज सेवा को प्राथमिकता देते हुए इस निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया है ताकि हम एक स्वस्थ और जागरूक समाज का निर्माण कर सकें।"
              

विशिष्ट अतिथि के रूप में सम्बोधित करते हुए अनुसंधान नवाचार एवं उद्यमिता परिषद के अध्यक्ष प्रो. दीनाबंधु साहू ने कहा, "गाँधी जी का आत्मनिर्भरता का सिद्धांत आज के 'नवाचार' और 'स्व-रोजगार' का आधार है। युवाओं को अपने विचारों में मौलिकता और समाज के प्रति जिम्मेदारी लानी होगी।" अंतर्राष्ट्रीय संबंध विभाग के अधिष्ठाता प्रो. अनिल राय ने अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर बापू के विचारों की प्रासंगिकता पर प्रकाश डालते हुए कहा, "आज पूरी दुनिया वैश्विक शांति और स्थिरता के लिए महात्मा गाँधी के अहिंसा के सिद्धांतों की तरफ देख रही है।" वहीं, उद्यान समिति की अध्यक्षा एवं विदेशी छात्र पंजीकरण विभाग की अधिष्ठाता प्रो. रूपम कपूर ने पर्यावरण और स्वच्छता के अंतर्संबंधों को रेखांकित करते हुए कहा, "प्रकृति की रक्षा और अपने परिवेश को स्वच्छ रखना ही बापू को हमारी सच्ची श्रद्धांजलि होगी।"
        

इस सुंदर और वैचारिक संगम के समानांतर आयोजित स्वास्थ्य शिविर में चिकित्सकों के विशेष दल द्वारा आगंतुकों की निःशुल्क रक्तचाप, रक्त शर्करा, हृदय गति, हीमोग्लोबिन और सामान्य शारीरिक जाँचें की गईं। शिविर में विश्वविद्यालय के प्राध्यापकों, कर्मचारियों, ऊर्जावान विद्यार्थियों और स्थानीय नागरिकों ने बड़ी संख्या में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हुए उत्कृष्ट चिकित्सकीय परामर्श और दवाओं का प्रत्यक्ष लाभ उठाया। 
               

निदेशक प्रो. के. पी. सिंह की अद्भुत प्रेरणा से सेवा और राष्ट्रवाद के दोहरे विज़न को समाहित किए हुए इस कार्यक्रम को सफलता के शिखर पर पहुँचाने के लिए मुख्य अतिथि, सभी सम्मानित विशिष्ट अतिथियों, शिविर में अपनी अनमोल सेवाएं देने वाले समर्पित चिकित्सकों, स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं, कर्मठ स्वयंसेवकों और प्रिय विद्यार्थियों का विशेष आभार प्रकट करते हुए सहृदय हार्दिक धन्यवाद ज्ञापित किया गया।

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