हजारों पी. एच. डी.लोग भी नही दे पाएंगे दिल्ली विश्वविद्यालय में सहायक प्रोफेसर का इंटरव्यू

हजारों पी. एच. डी.लोग भी नही दे पाएंगे दिल्ली विश्वविद्यालय में सहायक प्रोफेसर का इंटरव्यू 

                       



विज्ञान विषय में 90.ए. पी.आई.और मानविकी में 75 वाले भी रहेंगे बाहर 

         


नई दिल्ली: दिल्ली विश्वविद्यालय  में यू.जी.सी.  नियमों की अनदेखी के कारण हजारों शिक्षकों का भविष्य चौपट होने की कगार पर है। नए नियम के कारण हजारों पी. एच. डी.लोग भी नही दे पाएंगे दिल्ली विश्वविद्यालय में सहायक प्रोफेसर का इंटरव्यू । विज्ञान विषय में 90.ए. पी.आई.और मानविकी में 75 भारांक वाले भी रहेंगे बाहर। 


दिल्ली विश्वविद्यालय में 19 दिनो से धरना दे रहे दिल्ली विश्वविद्यालय के शिक्षक शोधार्थियों का कहना है कि दिल्ली विश्विद्यालय भारत का एक प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय है  और यहां पढ़ना पढ़ाना दोनो ही हर व्यक्ति का सपना है। लेकिन यहां के आला अधिकारियों की गलत मंशा और असंवैधानिक निर्णय के कारण लगभग हजारों युवाओं का भविष्य अधर में है। हम नौकरी नही सिर्फ इन्टरव्यू का अधिकार मांग रहे हैं। इसमें प्रशासन को ज्यादा कुछ नहीं करना है सिर्फ वर्तमान स्क्रीनिंग नियम यूजीसी रेगुलेशन 2018 को मान लेना है। 

                  


  यह काफी विडंबनापूर्ण है कि अपने ही देश में उच्च शिक्षा प्राप्त अनुभवी शिक्षकों एवं शोधार्थियों   को नकारा जा रहा है जो वर्षों शिक्षा प्राप्त कर और डिग्री हासिल कर अपने सुनहरे भविष्य के निर्माण में लगे हैं। शोधार्थियों और शिक्षकों का कहना है कि विश्विविद्यालय प्रशासन द्वारा उनकी मांग नहीं मानी गई तो वो क्रमिक भूख हड़ताल करेंगे। जंतर मंतर पर डूटा धरने में भी उठेगी इस नियम के खिलाफ आवाज़।

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